मिलकर बनाएं सुरक्षित गोरखपुर

सड़क पर कुछ गलत दिखे तो फ़ोटो लें या बस बोल दें। लोक सुरक्षा आपकी रिपोर्ट सही जगह पहुँचाता है, और आपका नाम कभी सामने नहीं आता।

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लोक सुरक्षा ऐप की होम स्क्रीन: "कुछ गलत दिखा?" बटन, वार्ड की रिपोर्ट, और ट्रैफ़िक, सुरक्षा+ और सखी के कार्ड
ऐप का प्रोटोटाइप। दिखाया गया डेटा सिर्फ़ नमूना है।

रिपोर्ट से चालान तक

आपकी रिपोर्ट चालान कैसे बनती है

हर चालान एक पुलिस अधिकारी ही काटता है। ऐप सिर्फ़ सबूत उन तक पहुँचाता है।

  1. फ़ोटो या वीडियो लेंऐप से अभी की फ़ोटो लें। जगह और समय अपने-आप जुड़ जाते हैं।
  2. बोलकर बताएंहिंदी या भोजपुरी में बोलें क्या हुआ। लिखने की ज़रूरत नहीं।
  3. ऐप जाँच करता हैनंबर प्लेट साफ़ है? फ़ोटो अभी की है? पहले किसी ने तो नहीं भेजी?
  4. पुलिस अधिकारी देखते हैंएक पुलिस अधिकारी सबूत देखकर तय करते हैं कि चालान बनता है या नहीं।
  5. चालान पुलिस के नाम सेगाड़ी वाले को आपका नाम कभी नहीं दिखता। चालान पुलिस की ओर से जाता है।
  6. हर महीने इनामचालान पक्का होने के बाद आपको अंक मिलते हैं, और महीने के आख़िर में इनाम।

यह क्यों ज़रूरी है

नियम हैं, बस पालन की कमी है

सड़क पर हर दिन जानें जा रही हैं, और करोड़ों रुपये के चालान भरे ही नहीं जाते। जब नागरिक, पुलिस और नगर निगम एक साथ देखें, तो शहर बदल सकता है।

24,118

लोगों की जान 2024 में यूपी की सड़क दुर्घटनाओं में गई।

स्रोत: ETV Bharat, 22 जनवरी 2026
1.54 करोड़

ई-चालान यूपी में 2024 में कटे। इनमें ₹2,386 करोड़ अभी तक नहीं भरे गए।

स्रोत: लोकसभा में दिया गया जवाब, दैनिक भास्कर यूपी, 29 सितंबर 2026
28 सितंबर 2026

को सुप्रीम कोर्ट ने बकाया ई-चालान की वसूली का आदेश दिया।

स्रोत: LiveLaw, 1 अक्टूबर 2026

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